आपको टीका लगने के बाद

इस वेबसाईट के लिए निम्नलिखित जानकारी कनाडा की सरकार और अन्य वैज्ञानिक और मेडिकल स्रोतों का प्रयोग करते हुए, मेडिकल पेशेवरों और सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा विकसित की गई है। यह मेडिकल सलाह नहीं है। यदि कोविड-19 के टीके के बारे में आपके कोई सवाल हैं तो हमेशा किसी योग्य स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से सलाह लें।

हम निश्चित रूप से नहीं कह सकते, लेकिन यह संभव है कि टीका लगवाने के बाद भी आप में वायरस हो। हमें यह तो पता है कि टीका लोगों को वायरस से बीमार होने से सुरक्षा करेगा, लेकिन यह भी संभव है कि टीका लगवाने के बावजूद आप में वायरस हो और आप दूसरे लोगों को संक्रमित कर दें। जैसे-जैसे नैदानिक परीक्षण होते जाएंगे और वास्तविक दुनिया के प्रमाण सामने आते जाएंगे, वैसे-वैसे हमें और ज्ञान मिलता जाएगा। तब तक हमें अपने मास्क पहनते रहना होगा, शारीरिक दूरी का पालन करना होगा और सार्वजनिक स्वास्थ्य निर्देशों का तब तक पालन करते रहना होगा जब तक पर्याप्त कनाडा वासियों को टीके की पूरी खुराक नहीं मिल जाती।

टीके की दूसरी खुराक लेने के बाद शरीर को इम्यूनिटी बनाने में तकरीबन दो हफ़्ते लगते हैं। कोई व्यक्ति टीका लगवाने से तुरंत पहले या तुरंत बाद में वायरस से संक्रमित हो कर बीमार पड़ सकता है, क्योंकि तब तक टीके को सुरक्षा देने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता।

टीके की पूरी दो खुराकें लेने का यह भी कारण है।

पहली खुराक के बाद कोविड-19 टीकों का प्रारंभिक प्रभाव पहले से ही बहुत ज़्यादा है (80-92%) और कम से कम कुछ महीनों तक चलती है।

एक खुराक के बाद अन्य बहु-खुराक वैक्सीनेशन से प्राप्त अनुभव बताते हैं कि छह माह या उससे अधिक समय के लिए निरंतर सुरक्षा कायम रह सकती है। वास्तव में, अनेक अध्ययनों से पता चलता है कि अधिक इंतज़ार करने से बूस्टर प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया और भी बेहतर होती है। यह विज्ञान द्वारा प्रमाणित है।

और अधिकतर वैक्सीनों के लिए, एंटीबॉडी स्तर (प्रतिरक्षा) समय के साथ कम होते हैं, लेकिन ये सुरक्षा स्तर से अचानक से नीचे नहीं जाते। कई महीनों या वर्षों बाद भी, वैक्सीन की अन्य खुराक प्रतिरक्षा स्तर को बढ़ाते हुए अधिक लंबे समय तक सुरक्षा दे सकती है।

अब जबकि कनाडा में वैक्सीन आपूर्ति का काम और अधिक विश्वसनीय हो गया है, खुराकों के बीच की समय अवधि को घटा कर आठ सप्ताह कर दिया गया है।

हाँ, अभी के लिए, जब तक कि कनाडा की जन स्वास्थ्य एजेंसी मास्क पहनने और सोशल डिस्टेन्सिंग बनाए रखने की आवश्यकता को वापस नहीं ले लेती। ऐसा इसलिए क्योंकि वैक्सीन को प्रभावी बनने (प्रतिरक्षा निर्माण के लिए) में कई सप्ताह का समय लगता है और अधिकतम सुरक्षा केवल तभी प्राप्त होगी जब अधिक से अधिक लोगों को Pfizer-BioNTech, Moderna और AstraZeneca COVID-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक नहीं लग जाती।

हमें अभी यह नहीं पता है कि जिन लोगों को टीके लग चुके हैं वे कब तक सुरक्षित हैं। mRNA टीकों पर हुए अध्ययन से पता चलता है कि फिलहाल जिन लोगों ने टीके लिए हैं उनकी कोविड-19 के खिलाफ़ इम्यूनिटी कम से कम छह महीने तक बहुत मज़बूत है। ऐसा लगता है कि इम्यूनिटी काफी दिन तक चलेगी, लेकिन समय के साथ होने वाले अध्ययनों से इस बात की पुष्टि होगी।

इस समय पर हमें यह नहीं पता कि इम्यूनिटी एक साल चलेगी या दस साल चलेगी, या कुछ समय बाद बूस्टर शॉट्स की ज़रूरत पड़ेगी।

आम तौर पर कोविड-19 टीका लगवाने के बाद शरीर को इम्यूनिटी बनाने में कुछ हफ्तों का समय लगता है। लेकिन याद रखें, सबसे बेहतर इम्यूनिटी के लिए फ़ाइज़र-बायोएनटेक, मॉडर्ना और एस्ट्राज़ेनेका टीकों की दो खुराक ज़रूरी हैं। जॉनसन & जॉनसन कोविड-19 टीके की एक ही खुराक की ज़रूरत है।

टीका लगने के बाद, अस्थायी, मामूली या मध्यम दुष्प्रभाव होना आम बात है, जिनमें शामिल हैं:

  • सुई लगने वाली जगह पर दर्द, लाल होना, गर्माहट, खुजली या सूजन,
  • थकान,
  • सिरदर्द,
  • मतली,
  • मांसपेशियों या जोड़ों में दर्द, और
  • हल्का बुखार या ठंड लगना

यह आपके शरीर द्वारा सुरक्षा निर्माण के सामान्य लक्षण हैं और ये लक्षण कुछ दिन में चले जाने चाहिए।

यदि आपके लक्षण गंभीर हैं या बिगड़ते जा रहे हैं, तो अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से सलाह लें। यदि वे लक्षण कोविड-19 के लक्षण जैसे हैं, तो आपको टेस्ट करवाना चाहिए और परिणाम आने तक एकांतवास में रहना चाहिए।

बहुत ही कम मामलों में, एनाफ़िलेक्सिस नामक एक अधिक गंभीर दुष्प्रभाव हो सकता है। यह आमतौर पर टीकाकरण के बाद कुछ मिनटों के भीतर या पहले घंटे के भीतर होता है। इसी वजह से, कोविड-19 वैक्सीन लेने वाले लोगों को टीकाकरण के बाद कम से कम 15 मिनट तक रुकने के लिए कहा जाता है ताकि स्वास्थ्य देखभाल कर्मी किसी भी गंभीर प्रतिक्रिया के लिए व्यक्तियों की निगरानी कर सकें।

दुष्प्रभाव टीके के कारगर होने या नहीं होने का संकेत नहीं हैं।

यह सच है कि दुष्प्रभाव टीके के काम करने का और आपके शरीर के द्वारा सुरक्षा निर्माण का एक सामान्य संकेत हैं। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि आपको कोई दुष्प्रभाव ना होने पर चिंतित होना चाहिए। उदाहरण के तौर पर, mRNA टीकों ने नैदानिक परीक्षणों में कम से कम 90% लोगों को सुरक्षात्मक इम्यूनिटी प्रदान की, लेकिन 50% से अधिक लोगों में कोई दुष्प्रभाव नहीं हुए। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो, अधिकतर लोगों को किसी दुष्प्रभाव का अनुभव नहीं हुआ, परन्तु उनको पूरी इम्यूनिटी प्राप्त थी।

इसलिए, अगर कोविड-19 का टीका लगने के बाद आपको कोई दुष्प्रभाव नहीं मालूम पड़े, तो यह चिंता की बात नहीं है- आपको भी उतनी ही सुरक्षा मिलेगी जितनी एक ऐसे व्यक्ति को मिलेगी जिसे दुष्प्रभाव हुए हैं!